अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी में बौखलाहट भरी है। इसी बौखलाहट में सीमा पार से लगातार साजिशें रची जा रही हैं। नियंत्रण रेखा और अंतराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के चलते उसके नापाक मंसूबे कामयाब नहीं हो पाते हैं। इसके लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की मदद से सुरंग के जरिए आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश की जा रही है। लेकिन सीमा सुरक्षा बल की मुस्तैदी के चलते पाकिस्तान की ये साजिश भी कामयाब नहीं हो रही है। शनिवार को मिली 150 मीटर लंबी सुरंग से एक बार फिर पाकिस्तान की साजिश का पर्दाफाश हुआ है।
पाकिस्तान की 'भूमिगत साजिश', छह महीने में चौथी और अबतक 10वीं नापाक हरकत, देखिए तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमा सुरक्षा बल ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में हीरानगर के पानसर में एक सुरंग का पता लगाया है। इसकी लंबाई 150 मीटर है। इसका निर्माण पाकिस्तानी खुफिया विभाग ने आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ कराने के लिए किया था। सीमा सुरक्षा बल द्वारा 10 दिनों में दूसरी सुरंग का पता लगाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि विशिष्ट खुफिया सूचना पर, बीएसएफ ने एंटी टनलिंग ड्राइव की श्रृंखला में जम्मू के पानसर क्षेत्र में एक और सुरंग का पता लगाया है। बीपी नंबर 14 और 15 के बीच सुरंग का पता चला है। सुरंग लगभग 150 मीटर लंबी और 30 फीट गहरी है। अब तक जम्मू संभाग में दसवीं और पिछले छह महीने में चौथी सुरंग मिली है।
बीएसएफ के आईजी जम्मू एन. एस. जम्वाल ने बताया कि पानसर क्षेत्र में इंटेलिजेंस एजेंसी की तरफ से एक टनल के बारे में इनपुट मिला था। पाकिस्तान ने ये सुरंग जीरो लाईन से खोदी है। अनुमान है कि ये सुरंग भारतीय सीमा में 140-150 मीटर लंबी और 25-30 फीट गहरी है। आदमी बैठकर या रेंगकर इसे पार कर सकता है। उन्होंने कहा कि आईएसआई, पाकिस्तानी रेंजर्स और पाकिस्तानी सेना की मदद के बगैर जीरो लाइन के पास टनल बनाना संभव नहीं है। जीरो लाइन पर उनकी अनुमति के बिना कोई नहीं पहुंच सकता है।
बीएसएफ ने जून 2020 में इसी इलाके में हथियारों और गोला-बारूद ले जा रहे एक पाकिस्तानी हेक्साकॉप्टर को मार गिराया था। सैनिकों ने नवंबर 2019 में इसी क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश को भी नाकाम कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की हरकत पर नजर रखने के लिए सीमा सुरक्षा बल ने अत्याधुनिक उपकरणाें के साथ सुरक्षा ग्रिड तैयार किया है। सीआईबीएमएस यानी कॉम्प्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम से आतंकी घुसपैठ के मंसूबे लगातार नाकाम हो रहे हैं। यह सिस्टम किसी भी मौसम में मानव हलचल को पकड़ लेता है। कई बार आतंकी घुसपैठ की कोशिशों को इसी सिस्टम की मदद से ऐन मौके पर नाकाम कर दिया गया है। यही वजह है कि पाकिस्तान सुरंगें खोदकर आतंकियों को इस पार धकेलने की कोशिशें कर रहा है।